दूसरे सप्ताह में स्टेरॉइड्स (जो कि जीवन रक्षक दवा का कार्य करती है), खून पतला करने की दवा और एंटीबायोटिक्स का अधिक उपयोग होता है. अगर मरीज को साइटोकाइन स्टॉर्म है, तो उन्हें मोनोक्लोनल एंटीबॉडी दी जा सकती है. अतः रेमडेसिविर का रोल पहले सप्ताह में वायरल लोड कम करने में है, Asymptomatic व माइल्ड डिजीज में इसको इस्तेमाल करने की आवश्यकता नहीं है और 10 दिन बाद भी इसकी कोई महत्ता नहीं है. जो मरीज वेन्टीलेटर पर हैं या एक्मो पर हैं, उन्हें रेमडेसिविर की आवश्यकता नहीं होती है. रेमडेसिविर की आवश्यकता होने पर ही प्रोटोकॉल के तहत प्रयोग करना चाहिए. सभी मरीजों को इसकी आवश्यकता नहीं होती है.
Posted By :
Varu bansal
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2021-04-27 01:24
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