- ब्लैक फंगस के लक्षणों को अनदेखा ना करें।
- अगर नाक बंद है तो इसे साइनेसाइटिस ना समझें खासतौर पर आप अगर हाई रिस्क कैटिगरी में हों।
- डॉक्टर की सलाह पर KOH staining & microscopy, culture, MALDI-TOF जांचें करवाएं।
- इलाज में देर ना करें, पहला लक्षण दिखते ही अलर्ट हो जाएं।
कैसे संभालें स्थिति (चिकित्सक की निगरानी में)
- डायबीटीज और डायबीटीज केटोएसिडोसिस को कंट्रोल करें।
- अगर मरीज स्टेरॉयड ले रहा है तो इन्हें बंद करने के लिए धीरे-धीरे कम कर दें।
- इम्यूनोमॉड्यूलेटिंग दवाएं बंद कर दें।
- पहले से ही एंटीफंगल दवाएं ना लें।
- रेडियो-इमेजिंग से मॉनिटरिंग करें।
नोट: यह जानकारी स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार की तरफ से जारी की गई है।