छोटी दिवाली के दिन लोग यम देवता की पूजा करके घर के मेन गेट के बाहर तेल का दीया जलाते हैं। क्योंकि ऐसा करने से अकाल मृत्यु कभी नहीं आती है। मान्यता यह भी है इस दिन सुबह सूर्योदय से पहले शरीर पर सरसों का तेल लगाकर स्नान करने का खास महत्व है। स्नान के बाद भगवान हरि यानी विष्णु मंदिर या कृष्ण मंदिर जाकर दर्शन करना चाहिए। ऐसा करने से भी पापों से मुक्ति मिली है साथ ही खूबसूरती बढ़ती है।
छोटी दिवाली के दिन को यम चतुर्दशी रूप चतुर्दशी या रूप चौदस से भी जाना जाता है। मान्यता है कि श्राद्घ महीने में आए हुए पितर इसी दिन चंद्रलोक वापस जाते हैं। इस दिन अमावस्या होती है जिस वजह से चांद नहीं निकलता जिससे पितर भटक सकते हैं। इस वजह से उनकी सुविधा के लिए नरक चतुर्दशी के दिन एक बड़ा सा दीपक जलाना चाहिए। यमराज और पितर देवता अमावस्या तिथि के स्वामी माने जाते हैं।
Posted By :
Varu bansal
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2021-11-03 13:14
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