12वीं कक्षा में दो बार फेल हुए थे। हालांकि, आगे चलकर जिस स्कूल में उन्हें अनुत्तीर्ण घोषित किया गया था उसी का नाम इस महान गणितज्ञ के नाम पर रामानुजन बदला गया। इंफाइनट सीरीज, फ्रैक्शन, नंबर थ्योरी और मैथमेटिकल एनालिसिस जैसे कठिनतम सेक्शन में अहम योगदान देने वाले रामानुजन ने सिर्फ 12 वर्ष की आयु में ही त्रिकोणमिती में विशेषज्ञता हासिल कर ली थी। रामानुजन ने साल 1916 में बीएससी डिग्री हासिल की थी। इसके एक साल बाद ही 1917 में उन्हें गणितीय सिद्धांतों पर काम करने के चलते ‘लंदन मैथमेटिक्स सोसाइटी’ में चुना गया था। महान गणितज्ञ 1919 में वापस भारत आ गये और 26 अप्रैल 1920 को खराब स्वास्थ्य के चलते मात्र 32 वर्ष की आयु में उनका देहांत हो गया था। ‘दी मैन हू न्यू इंफीनिटी’ नाम की बॉयोग्राफी श्रीनिवास रामानुजन के लिए रॉबर्ट कैनिगेल ने लिखी जिसमें उन्होंने इस महान गणितज्ञ के जीवन और योगदान को उजागर किया। वर्ष 2015 में रामानुजन पर एक फिल्म ‘दी मैन हू न्यू इंफीनिटी’ भी रिलीज की गई, जिसमें इस महान गणितज्ञ की भूमिका ब्रिटिश-इंडियन एक्टर देव पटेल ने निभाई थी।
Posted By :
Varu bansal
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2022-12-22 17:26
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