दरअसल, पिछले दिनों इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश में कोरोना की स्थिति पर सुनवाई करते हुए दो दिनों के लॉकडाउन को नाकाफी बताते हुए कहा था कि सरकार ने अपने विवेक के अनुसार संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए दो दिन का लॉकडाउन लगाया है साथ ही अन्य पाबंदियां भी लागू की हैं पर संक्रमण के नए मामलों को देखते हुए यह निरर्थक ही लग रहा है। ये उपाय नाकाफी प्रतीत होते हैं। हाईकोर्ट ने लंबे लॉकडाउन को प्रदेश के लिए जरूरी बताया था। सरकार का यह फैसला हाईकोर्ट के आदेश की निगाह से ही देखा जा रहा है।
16 अप्रैल को 35 घंटे का लॉकडाउन लगाने की घोषणा की थी...
इसके भी पहले प्रदेश सरकार ने 16 अप्रैल को 35 घंटे का लॉकडाउन लगाने की घोषणा की थी जो कि शनिवार रात आठ बजे से शुरू होकर सोमवार सुबह सात बजे तक लागू था। हालांकि, संशोधन करते हुए फिर शुक्रवार रात आठ बजे से सोमवार सात बजे तक लॉकडाउन का निर्णय लिया गया था।
इसके साथ ही प्रदेश सरकार ने मॉस्क न पहनने वालों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। बिना मास्क के बाहर निकलने वालों पर पहली बार एक हजार रुपये जुर्माना लिया जाएगा। दूसरी बार 10 गुना ज्यादा जुर्माना देना होगा। प्रदेश सरकार ने कोरोना प्रोटोकॉल कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री योगी ने अफसरों संग बैठक में कहा कि कोविड का वर्तमान स्ट्रेन लगातार रूप बदल रहा है। यह पहली लहर की तुलना में 30 से 50 गुना अधिक संक्रामक है। कुछ केस में देखा गया है कि कोविड टेस्ट में भी इसकी पुष्टि नहीं हो रही है, जबकि सी टी स्कैन में पता लग रहा कि लंग्स कोविड से प्रभावित है। ऐसे में हमें और सतर्कता के साथ काम करने की जरूरत है।
Posted By :
Annapurna Nigam
(Blogger)
2021-05-03 16:18
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