स्टेरॉयड की हैवी डोज खतरनाक
कोरोना मरीजों में म्यूकोर माइकोसिस के बढ़ते खतरे के बीच डॉक्टरों का कहना है कि हैवी डोज स्टेरॉयड लेने वालों या वह मरीज जो हफ्तेभर आईसीयू में इलाज करा घर लौटे हैं उन्हें ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। इन मरीजों की नाक में दिक्कत और सांस फूलने की शिकायत पर ईएनटी विशेषज्ञ या चेस्ट रोग विशेषज्ञ से सलाह लें। ब्लैक फंगस खून के जरिए आंख, दिल, गुर्दे और लिवर पैंक्रियाज तक हमला बोलता है। इससे अहम अंगों पर असर पड़ सकता है। आंखों में तेज जलन और पुतलियों में परेशानी होने पर तुरंत नेत्र रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें नहीं तो रोशनी जा सकती है।
चेहरा तक इसमें काला पड़ जाता है
बीएचयू अस्पताल में पिछले दिनों दो मरीजों के ऑपरेशन के बाद बुधवार को ब्लैक फंगस से पीड़ित एक कोरोना संक्रमित महिला का ऑपरेशन हुआ। इस महिला में ब्लैक फंगस का असर बहुत ज्यादा हो रहा था। फंगस की वजह से उसका चेहरा काला पड़ गया था। उसकी आंखों निकालने के साथ ही एक तरफ का जबड़ा और उसके नीचे की हड्डियां भी निकालनी पड़ी हैं।
लखनऊ में 8 मरीजों की आंख खतरे में
केजीएमयू नेत्र रोग विभाग के डॉ. संजीव कुमार गुप्ता के मुताबिक ब्लैक फंगस की चपेट में आए आठ मरीज केजीएमयू में भर्ती हैं।इनकी आंखों की रोशनी पर असर आ चुका है। जरूरी दवाएं दी जा रही हैं। इनमें तीन मरीजों की रोशनी काफी हद तक प्रभावित है।
अपने-अपने ढंग से मेडिकल कॉलेज कर रहे इलाज
प्रदेश सरकार की तरफ से ब्लैक फंगस के इलाज के लिए अभी कोई दिशा-निर्देश नहीं आए हैं। प्रदेश में कानपुर में अब तक 2 मरीजों की जान जा चुकी है। इसलिए कानपुर मेडिकल कॉलेज समेत प्रदेश के अन्य मेडिकल कॉलेजों में इन मरीजों के लिए अलग आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं। कानपुर में 8 आइसोलेशन बेड बनाए गए हैं। यहां नेत्र रोग विशेषज्ञ, ईएनटी, चेस्ट और मेडिसिन के डॉक्टरों की टीम की देखरेख में इलाज किया जा रहा है।
Posted By :
Varu bansal
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2021-05-14 13:06
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