बता दें कि वर्ष 2021-22 में सरकार ने आबकारी विभाग से 34500 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य रखा है जिसके तहत प्रदेश में शराब उत्पादन का प्रोत्साहन किया गया है। उपभोक्ताओं को सस्ती व गुणवत्तापूर्ण शराब उपलब्ध करवाने के लिए ग्रेन ई.एन.ए. से निर्मित उच्च गुणवत्ता युक्त यूपी मेड लिकर की टेट्रा पैक में बिक्री देशी शराब की दुकानों से अधिकतम फुटकर विक्रय मूल्य 85 रुपये में होगी। वहीं, देशी शराब के अधिकतम फुटकर विक्रय मूल्य में कोई बढ़ोत्तरी नहीं की गई है।
नई नीति के तहत, वर्ष 2021-22 में आबकारी विभाग की समस्त प्रक्रियाओं को कम्प्यूटराज्ड कर इंटीग्रेटेड सप्लाई चेन मैनेजमेंट सिस्टम (IESCMS) लागू होगा। फुटकर दुकानों से बिक्री पीओएस मशीन से करने की व्यवस्था भी लागू होगी। इसके अलावा फुटकर दुकानों पर भी ई पोस मशीन अब अनिवार्य होगी।
प्रदेश में शराब उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में उत्पादित फल से प्रदेश में निर्मित शराब आगामी पांच साल के लिए प्रतिफल शुल्क से मुक्त होगी। विंटनरी अपने परिसर में स्थानीय उत्पादित वाइन की फुटकर बिक्री कर सकेगी। विंटनरी परिसर में एक 'वाइन टैवर्न' जहां वाइन को पसंद करने वालों को वाइन टेस्टिंग की अनुमति होगी, स्थापित किया जाएगा।
90 एमएल की बोतलों में विदेशी शराब की बिक्री रेगुलर श्रेणी में अनुमन्य होगी। कम तीव्रता के मादक पेय (एल.ए.बी.) की बिक्री बीयर की दुकानों के अतिरिक्त विदेशी शराब फुटकर दुकानों, मॉडल शाप और प्रीमियम रिटेल वेंड में अनुमन्य होगी।
बीयर की एम.आर.पी. पड़ोसी राज्यों से अधिक होने और कोविड के कारण बीयर की खपत पर प्रभाव को देखते हुए बीयर पर प्रतिफल शुल्क को कम किया गया है। बीयर की शेल्फ लाइफ नौ महीने की होगी।
Posted By :
Annapurna Nigam
(Blogger)
2021-01-25 15:00
See Author's other Published Topics
Peoples
Peoples
Comments...
Write Your Comment