सी.के. बिड़ला हॉस्पिटल, जयपुर के निदेशक डॉ. सुशील कालरा के मुताबिक रेमडेसिविर को सिर्फ वहां इस्तेमाल करें जहां जरूरत हो. बीमारी के लक्षण के एक सप्ताह के बाद रेमडेसिविर काम में लेने से कोई फायदा नहीं होता. अधिक जोखिम वाले मरीज जैसे बीपी, 60 वर्ष से अधिक वाले मरीज, हृदय रोग के मरीज, किडनी के मरीज, कैंसर वाले मरीज आदि यानी जहां वायरस अधिक डैमेज करता है और जिन मरीजों में सीआरपी लेवल बढ़ा हुआ है, इनके सीटी स्कैन में कोविड के लक्षण दिखाई देते हैं तो जल्द ही रेमडेसिविर लगा देना चाहिए. अगर सीटी स्कैन में कोविड के लक्षण नहीं हैं और मरीज को बुखार, खांसी या सांस लेने में समस्या नहीं है, सीपीआर लेवल भी सामान्य हो तो, ऐसे मरीजों को रेमडेसिविर लगाने की आवश्यकता नहीं होती.
Posted By :
Varu bansal
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2021-04-27 01:24
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