भारतीय समाज में ये आम बात है कि एक बार आपकी शादी हो गई उसके बाद परिवार के सदस्यों से लेकर दोस्त तक खुशखबरी कब सुना रहे हो, ये सवाल पूछने लगते हैं. अब जैसे ही आपका बच्चा 1 या 2 साल का हो जाता है वैसे ही लोग आपसे ये पूछना शुरू कर देते हैं कि इसका भाई या बहन कब आने वाला है? इतना ही नहीं बहुत से लोग जिनके खुद के siblings होते हैं वे भी यही चाहते हैं कि उनके बच्चे का भी भाई या बहन हो इसलिए वे दूसरे बच्चे की भी प्लानिंग करने लग जाते हैं. लेकिन अक्सर वे जिस बात को लेकर कन्फ्यूज रहते हैं वो ये है कि 2 बच्चों के बीच एज गैप कितना होना चाहिए?
2 बच्चों के बीच कितना एज गैप है सही:
पहले बच्चे और दूसरे बच्चे की बीच आमतौर पर 1 साल से लेकर 5 साल या इससे भी अधिक का एज गैप हो सकता है. एज गैप कम होने या अधिक होने के अपने-अपने फायदे और नुकसान दोनों हैं. ऐसे में हम आपको यहां पर बता रहे हैं कि महिला की सेहत को ध्यान में रखते हुए दो बच्चों के बीच उम्र का कितना अंतर होना चाहिए:
12 से 18 महीने के बीच का अंतर
दूसरे बच्चे की प्लानिंग से पहले मां की सेहत का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है. इसलिए अगर 2 बच्चों के बीच 12 से 18 महीने का या इससे भी कम अंतर होता है तो गर्भवती महिला की सेहत पर इसका बुरा असर पड़ता है. इसका कारण ये है कि दोनों बच्चों को ब्रेस्टफीडिंग करवाने, उनके साथ रातभर जागने और दो बच्चों की जिम्मेदारी एक साथ उठाने की वजह से महिला की सेहत खराब हो सकती है. इसलिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के साथ ही कई स्टडीज में भी यह बात सामने आयी है कि पहले और दूसरे बच्चे के बीच कम से कम 2 साल यानी 24 महीने का अतंर जरूर होना चाहिए. 2 बच्चों के बीच अगर एज गैप बेहद कम हो तो दूसरे बच्चे की समय से पहले प्रीमैच्योर डिलीवरी होने और जन्म के समय बच्चे का वजन कम होने का खतरा बन रहता है.
2 से 3 साल का अंतर
ज्यादातर डॉक्टर्स यही सलाह देते हैं कि दूसरे बच्चे की प्लानिंग करने से पहले कपल्स को कम से कम 2 साल का इंतजार जरूर करना चाहिए. इसका कारण ये है कि 2 से 3 साल का इंतजार करने के बाद जब महिला दूसरी बार गर्भवती होती है तो उसका शरीर पहली प्रेग्नेंसी से पूरी तरह से रिकवर हो चुका होता है. साथ ही महिला पहले बच्चे को ब्रेस्टफीडिंग करवाना बंद कर चुकी होती हैं और पहला बच्चा इतना बड़ा हो जाता है कि वह अपने कुछ काम खुद से करने लगता है और मां, दोनों बच्चों को उनकी अलग-अलग जरूरतों के हिसाब से अटेंशन दे पाती है और दोनों बच्चों की सही परवरिश हो पाती है.
Posted By :
Varu bansal
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2021-02-22 18:10
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