भोजन में सरसों तेल का शामिल करना सेहत के लिए फायदेमंद साबित होता है. उसमें मौजूद मोनोसैचुरेटेड फैटी एसिड शरीर के हानिकारक कोलेस्ट्रोल लेवल को कम करता है जबकि खून में फैट के स्तर को संतुलित रख उसको सक्रिय बनाता है.
सरसों के तेल में बैक्टीरिया, फंगल- रोधी और वायरस को दूर रखने के गुण पाए जाते हैं. उसका शरीर के बाहरी सतह पर इस्तेमाल या भोजन में डाल कर खाने से मौसमी संक्रमण समेत पाचन तंत्र के संक्रमण के खिलाफ प्रतिरोध पैदा करता है.
सरसों का तेल विटामिन डी से भरपूर होता है जो स्किन के लिए बेहतरीन है. उसे स्किन पर लगाने से फाइन लाइन और झुर्रियों में कमी आती है. ये सन स्क्रीन की तरह काम करता है. बहुत ज्यादा तेल शरीर पर मलना नुकसानदेह और खराश की वजह बन सकता है. ऑयली स्किन और संवेदनशील स्किन वालों को उसकी मालिश से परहेज करना चाहिए. नारियल के तेल में सरसों तेल की बराबर मात्रा से मालिश करने पर स्किन की रंगत में निखार भी होता है.
बाल गिरने या उसके बढ़ने की रफ्तार धीमी पड़ गई है, तो सरसों तेल का इस्तेमाल समस्या में मददगार साबित हो सकता है. सरसों के तेल में पाया जानेवाला बीटा कैरोटीन बालों की वृद्धि को तेज करता है. उसकी मालिश से सिर के अंदर खून का प्रवाह बेहतर होता है जबकि बैक्टीरिया रोधी गुण सिर को संक्रमण से सुरक्षा करता है. सरसों के बीज को पीसने के बाद पेस्ट बनाकर सरसों के तेल में मिलाकर सिर पर रात भर लगा रहने दें, उससे बालों के गिरने की समस्या को काबू करने में मदद मिल सकती है.
चुटकी भर ऑयोडीन मुक्त नमक लें और थोड़ी मात्रा में सरसों का तेल मिलाकर मिश्रण को अंगुली से दांतों पर दो मिनट तक मलें. उसके बाद चंद मिनट के लिए मुंह बंद कर रखें और फिर गुनगुने पानी से कुल्ली कर लें. मिश्रण के इस्तेमाल की आदत डालने से चंद दिनों में आप स्पष्ट अंतर देख सकेंगे.
Posted By :
Varu bansal
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2021-01-30 17:32
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