कोरोना काल में हाईटेक हुये थोक कारोबारी, 70 फीसदी ऑनलाइन व्यापार
कोरोना महामारी के बीच राजधानी के थोक गल्ला कारोबारियों ने खुद को हाईटेक कर लिया है। एक साल के भीतर पांडेयगंज, डालीगंज मंडी में 70 फीसदी तक ऑनलाइन कारोबार हो रहा है। थोक कारोबारी रोजाना दाल, चावल और तेल के भाव वाट्सएप, मोबाइल ऐप और वेबसाइट पर अपलोड कर देते हैं। जिसके बाद फुटकर व्यापारी भाव देखकर आर्डर देते हैं। इसके लिए व्यापारियों को गल्ला मंडी आने की जरूरत नहीं होती। कारोबारियों के मुताबिक पिछले साल जनवरी-फरवरी में 30-35 करोड़ रुपये का ऑनलाइन थोक कारोबार होता था लेकिन कोरोना काल के बाद से लगातार ऑनलाइन कारोबार बढ़ता जा रहा है। अप्रैल महीने में 84 करोड़ तक पहुंच गया। लखनऊ व्यापार मंडल के अध्यक्ष राजेन्द्र अग्रवाल ने बताया कि पांडेयगंज और डालीगंज गल्ला मंडी में सीतापुर, लखीमपुर, अयोध्या, बाराबंकी, हरदोई सहित कई जिलों के कारोबारी दाल, चावल और तेल खरीदने आते हैं लेकिन कोरोना महामारी के बाद से अब वाट्सएप, मोबाइल एप के जरिये आर्डर दे दिया जाता है। जिसके बाद माल भेज दिया जाता है। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन कारोबार से मंडियों में बाहर से आने वाले व्यापारियों की संख्या में काफी कमी आई हैं। लखनऊ में हर महीने 120 करोड़ का कारोबार
पांडेयगंज थोक कारोबारी सचिन सिंघल ने बताया कि लखनऊ में हर महीने दाल, चावल और तेल का करीब 120 करोड़ का कारोबार होता है। इसमें दाल 40 करोड़, चावल 50 करोड़ और तेल 30 करोड़ की बिक्री होती है। उन्होंने बताया कि पिछले एक साल के भीतर 30 प्रतिशत नये कारोबारियों ने फ्लिपकार्ट, बिग बाजार, विशाल मेगामार्ट, उड़ान सहित अन्य ऑनलाइन कंपनियों को माल डिलीवरी दी है। इसके अलावा ऑनलाइन कंपनियों ने जरूरी वस्तुओं की होम डिलीवरी के लिए गली-मोहल्लों की छोटी दुकानों के साथ हाथ मिलाया है। लखनऊ दाल मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष भारत भूषण गुप्ता ने कहा कि दाल और चावल के सभी ब्रांड के दाम मोबाइल एप और वाट्सएप ग्रुप पर पोस्ट कर दिए जाते हैं जिसके बाद फुटकर कारोबारी दाल-चावल के भाव देखकर आर्डर दे देता है। साथ ही ऑनलाइन पेमेंट कर देता है। उन्होंने बताया कि पिछले साल जनवरी-फरवरी महीने तक पांडेयगंज और डालीगंज मंडी में फुटकर कारोबारी दाल, चावल का भाव पता करने के लिए आते थे।
Comments...
Write Your Comment